1.10. 2018

ग्रहों की मजबूत और कमजोर स्थितियाँ

जैसा कि आप निश्चित रूप से पहले से ही जानते हैं, कुंडली में, सौर मंडल का प्रत्येक ग्रह (और इसलिए नियम) एक विशिष्ट राशि चिन्ह के साथ जुड़ा हुआ है। चक्र को इस तरह विभाजित किया जाता है, ताकि सूर्य लियो और चंद्रमा कैंसर पर शासन करता हैं। इसके अलावा, प्रत्येक "पारंपरिक" ग्रह (वे ग्रह जोकि पहले खोजे गए थे - सौर मंडल के आंतरिक ग्रह + बृहस्पति और शनि) दो राशि चक्र पर शासन करते हैं, जैसे कि बुध कन्या और मिथुन, शुक्र वृषभ और तुला, मंगल ग्रह मेष और वृश्चिक, बृहस्पति धनु और मीन पर शासन करते हैं और अंत में, यूरेनस मकर और कुंभ राशि पर शासन करता है। "नए" ग्रह, जिन्हें बाद में खोजा गया, वे इस तरह राशि चिन्हों को सौंपा गया: कुंभ राशि में यूरेनस, मीन राशि में नेपच्यून और वृश्चिक राशि में प्लूटो को गौरवान्वित किया गया है।

ग्रहों की मजबूत और कमजोर स्थितियाँ

इसलिए, यदि ग्रह उनकी राशि में आगे बढ़ते हैं, तो इसका मतलब है कि उनका प्रभाव अधिक से अधिक है। और इसके विपरीत, एक ग्रह अगर विपरीत राशि में आगे बढ़ रहा है तो उसका प्रभाव कमजोर हो जाएगा | इसलिए, सूर्य कुंभ राशि में कमजोर हो जाएगा, मून जब मकर में | लेकिन इन दो बुनियादी वस्तुओं के मामले में, वे दोनों खुद बहुत प्रभावशाली होने के नाते विपरीत राशियों में उनकी गति बहुत साफ दिखाई नहीं दे रही है | इसलिए, बुध मीन और धनु में, शुक्र वृश्चिक और मेष में, मंगल वृषभ और तुला में, बृहस्पति कन्या और मिथुन में, और शनि लियो और कैंसर में कमजोर पड़ जाते हैं ।

इसलिए, कुंडली के सचोट विवरण के लिए, इन मजबूत और कमजोर ग्रह के स्ताहन पर ध्यान देना आवश्यक है। विशेष रूप से यदि आप राशियाँ और उनमें ग्रहों के प्रभाव के बारे में अधिक जानना चाहते हैं, तो हम अपने पृष्ठ ग्रहों पर जाने की सलाह देते हैं जहाँ आप, उदाहरण के लिए, आकाश में उनकी वर्तमान स्थिति का चार्ट ढूँढ सकते हैं । आप अपने जन्म की तारीख और समय से ग्रहों की स्थितियों की गणना भी कर सकते हैं और फिर पता लगा सकते हैं कि कौन से ग्रहों ने किस प्रकार आपका चरित्र बनाया है।

 

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