पूर्णिमाएँ 2019/2020

2019/2020 के पूर्ण चन्द्रमा का चार्ट, पुरे साल के पूर्ण चन्द्रमा का चार्ट सही तारीख और समय दर्शाता है, और ज्योतिषी लक्षण भी इसी घटना से सबसे ज़्यादा प्रभावित होते है.

पूर्णिमाएँ 2019/2020

इस चार्ट से प्रत्येक व्यक्ति आसानी से निम्न परिणाम निकाल सकते है: कब किसी के स्वस्थ पर सबसे ज़्यादा ड़याँ देना, चिकित्सक खुराक लेने का सबसे बेहतर समय, यहाँ तक की कब चिकित्सिक हस्तक्षेप और प्रक्रियाओ से बचना. पूर्ण चन्द्रमा की अवधि के दौरान और कुछ दिनों बाद भी ऊपर दिए गए उपयो को ठीक तरह से पल्लन करना बहोत आवश्यक है.इस अवधि के दौरान आपको किसी भी चिकित्सिक खुराक को काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. अपने स्वस्थ के साथ खतरा न मोल ले यह बहोत कीमती है.

12.11. 2019  14:37वृष राशि   20°10 '
12.12. 2019  06:14मिथुन राशि   19°40 '
10.1. 2020  20:23कर्क राशि   19°41 '
9.2. 2020  08:34सिंह राशि   19°58 '
9.3. 2020  18:48कन्या राशि   20°06 '
8.4. 2020  04:35तुला राशि   19°40 '
7.5. 2020  12:45वृश्चिक राशि   18°39 '
5.6. 2020  21:12धनु राशि   17°11 '
5.7. 2020  06:44मकर राशि   15°30 '
3.8. 2020  17:59कुंभ राशि   13°43 '
2.9. 2020  07:23मीन राशि   11°56 '
1.10. 2020  23:06मेष राशि   10°18 '
31.10. 2020  15:51वृष राशि   06 '

चन्द्रमा, पृथ्वी का प्रकृति का दिया अकेला उपग्रह होने के कारण, ज्योतिष के लिए अनिवार्य है। आज तक इसके उद्भव अनिश्चित हैं, फिर भी इस विषय के सम्बन्ध में कई वैज्ञानिक सिद्धांत हैं। उनमें से एक अभिवृद्धि की परिकल्पना है, जो सुझाव देती है कि चन्द्रमा और पृथ्वी की रचना एक साथ हुई थी। एक दूसरी परिकल्पना सुझाव देती है कि चन्द्रमा पृथ्वी की सतह से तोड़ लिया गया था जिससे समुद्र तल पीछे छूट गया। सबसे अधिक संभावित और साथ ही सबसे अधिक स्वीकार की गई एक विशालकाय टकराव की परिकल्पना है, जिसके अनुसार चन्द्रमा एक चमकते हुए पृथ्वी ग्रह के साथ इसके टकराव से उत्पन्न निष्कासित सामग्रियों से आता है जो लाखों वर्ष पहले गठन की प्रक्रिया में थी।

पृथ्वी की तुलना में, चन्द्रमा का चुंबकीय क्षेत्र बहुत अधिक कमज़ोर है। पर्यावरण भी अत्यधिक विरल है, और गुरुत्वाकर्षण बल बहुत निम्न है। यह हमसे लगभग 380 000 किमी दूर है। फिर भी, सब बातों के बावजूद, इसके विभिन्न प्राकृतिक प्रक्रियाओं और साथ ही स्वयं जीवन पर बहुत महत्वपूर्ण प्रभाव हैं। अर्थात, यह कई प्राकृतिक घटनाओं में एक महत्वपूर्ण कारक है, जैसे कि ज्वार-भाटाओं की शक्ति, या यहाँ तक कि हमारा मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य। चन्द्रमा की कुछ कलाओं में किसी भी चिकित्सा हस्तक्षेप से बचना बेहतर है, जैसे कि शल्यक्रिया। यह भी सुझाव दिया जाता है कि किन्हीं भी मादक पदार्थों से दूर रहें। परिणाम संभावित रूप से भाग्य को मोहरबन्द करने वाले और अप्रिय हो सकते हैं।

चन्द्रमा पृथ्वी के साथ तालमेल में घूमता है, यही कारण है कि हमारे पास केवल एक अर्धांश को देखने की क्षमता है – वो अर्धांश जो हमारी ओर झुका हुआ है। दूसरी ओर झुके हुए अर्धांश को प्राय: "कृष्ण पक्ष" कहा जाता है। कारण यह है, कि यह लंबे समय से अज्ञात और बिना खोजा गया रहा था, विडंबना यह है कि वास्तव में यह सूर्य का बहुत अधिक प्रकाश प्राप्त करता है।

कलाएँ

हमारे युग के एकदम प्रारम्भ में, चन्द्रमा की बदलती कलाएँ मानवता के लिए एक रहस्य थीं। यह तब तक नहीं था जब तक टाइटस ल्यूक्रेटियस ने व्याख्या की कि चन्द्रमा की सतह अंधेरी है और केवल तब चमकती हुई प्रतीत होती है जब यह सूर्य के प्रकार को परावर्तित करती है। वास्तव में, हम चन्द्रमा की विभिन्न कलाओं का अनुसरण केवल इसलिए कर सकते हैं क्योंकि पृथ्वी की चन्द्रमा की परिक्रमा के दौरान, चन्द्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच का कोण लगातार बदल रहा होता है। इसलिए, इसकी परिक्रमा के विभिन्न चरणों के दौरान, यह अपनी वर्तमान में प्रकाशमान सतह के विभिन्न भागों को उजागर करता है। पृथ्वी के चारों ओर चन्द्रमा की परिक्रमा के समय को एक संयुति मास कहा जाता है और इसमें लगभग 29.53 दिन लगते हैं।

पूर्णिमाएँ 2019/2020

एक पूर्णिमा चन्द्रमा की अकेली स्थिति है जहाँ इसकी पूरी सतह प्रकाशमान है और इसलिए देखी जा सकती है। एक खगोलीय दृष्टिकोण से - इस ज्योतिपुंज का विभिन्न प्राकृतिक घटना पर महत्वपूर्ण प्रभाव है। जिनमें से सबसे प्रसिद्ध ज्वार-भाटा की घटना है, ज्वार-भाटा की शक्ति बढ़ जाती है। पूर्णिमा का मानव जीवधारी पर एक नकारात्मक प्रभाव भी है। यह बीमारी में योगदान देता है, घावों के भरने को प्रभावित करता है, जो इस समय, महत्वपूर्ण रूप से धीमा है और यहाँ तक कि और अधिक संक्रमित हो सकता है। इस समय के दौरान यह सुझाव उच्च रूप से दिया जाता है कि किन्हीं भी शल्यक्रियाओं या किन्हीं भी चिकित्सा प्रक्रियाओं से बचें - दंत चिकित्सक की नियुक्तियों सहित। इसके विपरीत, यह समय क्वांटम होम्योपैथी के लिए बहुत उपयुक्त है। चन्द्रमा की इस कला में एक व्यक्ति की समस्याओं के चिंतन और एहसास करने की प्रक्रिया को प्रोत्साहित करने की क्षमता है और इसलिए यह व्यक्तियों को उनके नकारात्मक व्यवहार के ढर्रों को खोजने और अनिवार्य रूप से में सुधार करने में सहायता करता है।

वर्ष 2019/2020 में पूर्णिमाओं की तालिका

वर्ष 2019/2020 में प्रत्येक पूर्णिमा की सटीक तिथि और समय, और साथ ही उन ज्योतिषीय राशियों को प्रदर्शित करता है जो इस घटना से सबसे अधिक प्रभावित हैं।

इस तालिका से प्रत्येक व्यक्ति निम्नलिखित परिणामों को सरलता से निकाल सकता है: किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर सबसे अधिक ध्यान कब देना है, चिकित्सा पूरकों को लेने का सबसे अच्छा समय, और साथ ही किसी व्यक्ति को चिकित्सा हस्तक्षेप या प्रक्रियाओं से कब बचना चाहिए। उपरोक्त का सटीक रूप से पालन करना महत्वपूर्ण है, पूर्णिमा की अवधि के दौरान, यहाँ तक कि कुछ दिन पहले के लिए भी। इस समय के दौरान, आपको किन्हीं भी चिकित्सा पूरकों की अपनी सेवन को कम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। अपने स्वास्थ्य के साथ ख़तरा मत उठाएँ, यह बहुत मूल्यवान है।

 

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